नई दिल्ली. भारतीय टीम के ओपनर यशस्वी जायसवाल इस समय चर्चा का विषय बने हुए हैं. उनके बल्ले से रन नहीं आ रहे और वो मैदान पर श्रीलंका के खिलाड़ियों से बहस करने की वजह से विवादों में भी घिर गए. कोलंबो में भारत और श्रीलंका के बीच खेले जा रहे दूसरे टेस्ट के पहले दिन आउट होने के बाद यशस्वी उनका विकेट लेने वाले गेंदबाज से उलझ गए. जब यह मामला हर तरफ उठा और इसको लेकर बातें होने लगी तो आखिरकार उन्होंने इस मामले पर चुप्पी तोड़ी.यशस्वी जायसवाल ने अपनी प्रतिक्रिया दी. श्रीलंकाई तेज गेंदबाज असिथा फर्नांडो तीखी झड़प के बाद उन्होंने कहा लोगों को पूरी घटना जाने बिना किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचना चाहिए.
कोलंबो टेस्ट मैच के पहले दिन जायसवाल ने आउट होने से पहले फर्नांडो के ओवर में तीन चौके लगाए थे. इसके बाद वो एक अंदर आती बॉल पर क्लीन बोल्ड हो गए. फर्नांडो ने उन्हें आउट करने के बाद विकेट हासिल करने का आक्रामक अंदाज में सेलिब्रेशन किया. यह बात यशस्वी को खल गई और वो गुस्से में श्रीलंकाई गेंदबाज के पास पहुंच गए.
Yashasvi Jaiswal gets a two-Test ban after hitting Asitha Fernando during an argument.
He has been charged with a Level 2 offence.#INDvsSL #YashasviJaiswal pic.twitter.com/M0qDmD4INI— Arya Ek Deewana (@arya_ekdeewana1) August 24, 2026
मामला अचानक ही बढ़ गया.बोल्ड होने के बाद जायसवाल पवेलियन लौट रहे थे, वापस फर्नांडो की ओर चले गए. देखते ही देखते बहस बढ़ी और श्रीलंका की टीम के सारे खिलाड़ी उनके पास पहुंच गए. स्थिति बिगड़ने से पहले श्रीलंका के कप्तान धनंजय डी सिल्वा ने बीच-बचाव करते हुए दोनों खिलाड़ियों को अलग कर दिया. यशस्वी के साथ बल्लेबाजी कर रहे देवदत्त पडिक्कल ने भी साथी खिलाड़ी को समझाया. मैदान पर तब मामला शांत हो गया लेकिन मैदान के बाहर इसको लेकर लगातार चर्चा होने लगी.
इस मामले को लेकर जब यशस्वी से बात की गई तो उन्होंने सारी बातें खुलकर रखी. सोमवार को हर्षा भोगले ने यशस्वी को उन्होंने सुझाव दिया था कि उनको अपने गुस्से पर काबू रखना सीखना चाहिए. जायसवाल ने इस पर उन तमाम लोगों पर निशाना साधा जो इस मामले में उनके खिलाफ बोल रहे है. यशस्वी का कहना था कि अगर किसी को यह नहीं पता कि उस समय क्या कहा गया था. ऐसे में कोई भी किसी तरह का फैसला ना सुनाए.
यशस्वी ने साफ किया किया कि फर्नांडो की तरफ से विकेट लेने के बाद कुछ ऐसा कहा गया था जिसको बर्दास्त नहीं किया जा सकता. उन्होंने अपनी हद कर दी थी. जायसवाल का साफ तौर पर कहना था, “अगर आपको नहीं पता कि उसने क्या कहा, तो फैसला मत सुनाइए. अगर कोई सीमा पार करता है, तो हमें उसे बताना होगा कि भारत लड़ेगा और जवाब देगा.”

