आज यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष भी पहुंच जाएंगे भारत, दोनों पक्षों में 27 जनवरी को एफटीए पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद
India-EU Trade Deal (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) में व्यापार को लेकर एक नया अध्याय जल्द ही जुड़ जाएगा। दरअसल यह अध्याय भारत और ईयू के बीच नहीं बल्कि विश्व भर के व्यापार जगत को नई दिशा और राह दिखाने में कामयाब होगा। इसीलिए इन दोनों के बीच होने वाली ट्रेड डील (एफटीए) मदर आॅफ ट्रेड डील का नाम भी दिया जा रहा है। इसी सब के लिए शनिवार को यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उसुर्ला वॉन डेर लेन अपनी चार दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंच गई हैं। उनके साथ-साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी रविवार को दिल्ली पहुंच रहे हैं।
गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्यातिथि हैं दोनों
यह यात्रा भारत के लिए दो वजहों से खास है- पहला, ये दोनों यूरोपीय दिग्गज 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि होंगे, और दूसरा, 27 जनवरी को होने वाली बैठक में कई बड़े व्यापारिक समझौतों पर मुहर लग सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय नेताओं के बीच होने वाली इस शिखर वार्ता में सबसे बड़ा आकर्षण ‘मुक्त व्यापार समझौता’ है।
सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से अटके इस समझौते के पूरा होने की घोषणा इस बैठक में की जा सकती है। ज्ञात रहे कि यूरोपीय संघ एक ब्लॉक के रूप में भारत का सबसे बड़ा ‘गुड्स ट्रेडिंग पार्टनर’ (सामान का व्यापार करने वाला साझेदार) है। वित्त वर्ष 2024-25 में भारत और ईयू के बीच कुल 136 अरब डॉलर (करीब 11 लाख करोड़ रुपये) का व्यापार हुआ।
भारत यूरोपीय संघ के देशों को ज्यादा निर्यात करता है
भारत का फायदा: अच्छी बात यह है कि भारत ने इसमें 76 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि आयात 60 अरब डॉलर रहा। वैश्विक संकेत यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका में ट्रंप प्रशासन की आर्थिक और सुरक्षा नीतियों के कारण वैश्विक स्तर पर चिंताएं बढ़ी हुई हैं। ऐसे में दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र-भारत और यूरोपीय संघ-आपसी विश्वास और साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने हवाई अड्डे पर उसुर्ला वॉन डेर लेन का स्वागत किया, जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने इसे रणनीतिक साझेदारी का ‘अगला चरण’ बताया।

