सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे ने उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की बैठक को किया संबोधित
Business News Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पिछले एक साल से ज्यादा का समय भारत सहित पूरी दुनिया के लिए नई चुनौतियों भरा समय था। यह कहना है सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे का जो देश के प्रमुख उद्योगपतियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि साल 2025 में जहां पूरी दुनिया ने टैरिफ के रूप में एक नई चुनौती का सामना किया वहीं 2026 के दूसरे ही माह में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हमला करने और पश्चिम एशिया तनाव का चरम देखा। इस तनाव से जहां वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हुई वहीं विश्व की बहुत सारी अर्थव्यवस्थाएं भी नकारात्मक रूप से प्रभावित हुई।
भारत ने इक्विटी और ऋण बाजारों से पूंजी जुटाई
सेबी प्रमुख तुहिन कांत पांडे ने कहा कि भारत अब वैश्विक स्तर पर एक स्थिर पूंजी केंद्र के रूप में उभर रहा है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत के पूंजी बाजार को स्थिर तथा भरोसेमंद निवेश के रूप में देखा जा रहा है। देश का कुल बाजार पूंजीकरण लगभग 4.4 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंच गया है। तकनीक, स्वास्थ्य सेवा और ऊर्जा जैसे विविध क्षेत्रों में निवेश के अवसरों ने इस धारणा को और मजबूत किया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारत ने इक्विटी और ऋण बाजारों के जरिए कुल 154 अरब डॉलर की पूंजी जुटाई है।
देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.6 रहने का अनुमान
वर्ष 2025 में भारत प्रारंभिक सार्वजनिक निगर््म (आईपीओ) की संख्या के मामले में दुनिया में पहले स्थान पर, जबकि जुटाई गई पूंजी के मामले में तीसरे स्थान पर रहा। आरबीआई के मुताबिक, 2025-26 में देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.6 फीसदी रहने का अनुमान है, जो बाजार की मजबूती को और पुख्ता करता है। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की परिसंपत्तियां करीब 780 अरब डॉलर तक पहुंच गई हैं। कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार का आकार भी बढ़कर करीब 650 अरब डॉलर के स्तर पर पहुंच गया है।

