कहा, देश में वर्तमान में बिटुमेन और विमानन ईंधन की भारी कमी
Business News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत को विकसित राष्टÑ बनाने के लिए जरूरी है कि हम आयात पर कम से कम रुपया खर्च करें और निर्यात को बढ़ावा दें। यह कहना है कि देश के केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का जो महाराष्टÑ के लोनावला में एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि भारत को पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर निर्भरता कम करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए जैव ईंधन (बायोफ्यूल) का उत्पादन बढ़ाने की जरूरत है।
महाराष्ट्र के लोनावला में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि देश में बिटुमेन और विमानन ईंधन (एविएशन टर्बाइन फ्यूल) की भारी कमी है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर आयात करना पड़ रहा है। गडकरी ने बताया कि भारत को हर साल करीब 120 लाख टन बिटुमेन की आवश्यकता होती है, जबकि घरेलू तेल कंपनियां केवल 50 लाख टन बिटुमेन का उत्पादन कर पाती हैं। इसके चलते देश को 60 से 70 लाख टन बिटुमेन आयात करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि बिटुमेन की कीमत भी 45 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 80 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है।
ईंधन समस्या के चलते उड़ानें कम कर रहीं कंपनियां
उन्होंने कहा कि विमानन क्षेत्र में भी ईंधन की कमी देखने को मिल रही है। गडकरी के अनुसार, ईंधन की कमी के कारण नागपुर से संचालित होने वाली पांच उड़ानों को जल्द ही बंद करना पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि देश में जैव-आधारित विमानन ईंधन विकसित करने के प्रयास सफल रहे हैं और इससे किसानों को नई आय के अवसर मिल रहे हैं। गडकरी ने कहा कि किसान अब केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जा, बायोफ्यूल, बिटुमेन और हाइड्रोजन के उत्पादक भी बन रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि बायोफ्यूल, हरित ऊर्जा और हाइड्रोजन का बढ़ता उपयोग भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और देश को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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