कपास पर सभी तरह के आयात शुल्क पांच माह तक माफ
Business News Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पहले अमेरिकी और वर्तमान में पश्चिम एशिया तनाव से जूझ रहे उद्योग जगत के लिए केंद्र सरकार लगातार राहत भरे कदम उठा रही है। जिससे भारतीय उद्योग पर पड़ने वाला अतिरिक्त बोझ कम किया जा सके। वर्तमान में सरकार ने एक ऐसा ही कदम उठाते हुए कपास से संबंधित कपड़ा उद्योग व अन्य उद्योगों को बड़ी राहत प्रदान की है।
सरकार ने कपास पर लगने वाले सभी तरह के आयात शुल्क अगले पांच माह तक पूरी तरह से समाप्त करने की घोषणा कर दी है। यह छूट 30 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगी और इसका उद्देश्य वस्त्र उद्योग को पर्याप्त कपास उपलब्ध कराना है।
लागत कम होने से प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी
वस्त्र मंत्रालय ने कहा कि इससे इनपुट लागत कम होगी और भारतीय वस्त्रों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी। उद्योग संगठनों ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे परिधान क्षेत्र के लिए बहुत जरूरी राहत बताया। परिधान निर्यात संवर्धन परिषद (एईपीसी) ने कहा कि इस उपाय से भारतीय वस्त्र और परिधान क्षेत्र के लिए कपास की उपलब्धता बढ़ेगी।
वित्त मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, आयात शुल्क छूट 1 जून, 2026 से लागू होगी। वस्त्र मंत्रालय ने बताया कि यह उपाय कपास के आॅफ-सीजन के दौरान लागू किया गया है। इससे सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को समर्थन मिलेगा, इनपुट लागत नियंत्रित होगी। साथ ही, किसानों के हितों की रक्षा होगी और बाजार में स्थिरता सुनिश्चित होगी।
छोटे व मध्यम उद्योगों को मिलेगा ज्यादा लाभ
एईपीसी अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने कहा कि यह निर्णय विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों को लाभ पहुंचाएगा। ये उद्यम कपास और सूत की कीमतों में तेज वृद्धि के कारण चुनौतियों का सामना कर रहे थे। उन्होंने सभी कताई मिलों से अपील की कि वे सूत की कीमतों को तर्कसंगत बनाकर कम कपास लागत का लाभ दें। इससे पूरी वस्त्र मूल्य श्रृंखला स्थिर होगी और परिधान निर्यातक अधिक प्रतिस्पर्धी रूप से निर्यात आॅर्डर प्राप्त कर पाएंगे।

