वैभव मॉडल पर आधारित यह देश की पहली मल्टी-डिसिप्लिनरी स्टडी होगी
Vaibhav Sooryavanshi, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ मैनेजमेंट इंदौर, क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी पर स्टडी करेगा की उन्होंने किस तरह से सफलता हासिल की है। इसके लिए वैभव पर खेल मनोविज्ञान प्रबंधन के एक्सपर्ट मिलकर उनकी सफलता का फार्मूला खोजेंगे। फिलहाल पहली बार किसी खिलाड़ी पर आईआईएम इंदौर के द्वारा इस तरह की स्टडी की जाएगी। वैभव मॉडल पर आधारित यह देश की पहली मल्टी-डिसिप्लिनरी स्टडी होगी।
इस विशेष अध्ययन में खेल, मनोविज्ञान और प्रबंधन क्षेत्र के विशेषज्ञ एक साथ मिलकर काम करेंगे ताकि इतनी छोटी उम्र में मिलने वाली असाधारण सफलता के सूत्रों को समझा जा सके। आईआईएम के डायरेक्टर प्रोफेसर हिमांशु रॉय ने बताया कि यह स्टडी केवल वैभव की उपलब्धियों का विश्लेषण करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि उन सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक और संस्थागत कारकों को भी गहराई से समझेगी जो इतनी कम उम्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को आकार देने में मदद करते हैं।
वैभव की क्रिकेट जर्नी अद्भुत
प्रो. राय ने कहा कि आईआईएम का मानना है कि वैभव की क्रिकेट जर्नी अद्भुत है। इसके पीछे व्यक्तिगत क्षमता के अलावा कड़ी मेहनत, परिवार का त्याग, समर्पण, मेंटर का योगदान भी अहम है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा उपहार हो सकती है, पर उसे स्थायी उत्कृष्टता में बदलने के लिए सही मूल्य, संतुलित सोच, मजबूत समर्थन तंत्र व दूरदर्शी नेतृत्व जरूरी है।
मैनेजमेंट फैकल्टी डॉ. आरती चोपड़ा कहती हैं कि वैभव पर स्टडी भविष्य के प्रबंधकों व नीति-निर्माताओं के लिए अत्यंत मूल्यवान है। 5.7 हाइट और 55 किलो वजन के वैभव अपनी जबर्दस्त बैट स्पीड और टाइमिंग के दम पर गेंद को बाउंड्री पार भेजते हैं।
एक ही सीजन में सर्वाधिक 72 छक्के जड़े
राजस्थान रॉयल्स के इस सलामी बल्लेबाज ने एक ही सीजन में सर्वाधिक 72 छक्के जड़कर क्रिस गेल का 14 साल पुराना 59 छक्कों का रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया है। उनकी इस हैरतंगेज बल्लेबाजी से पूरी खेल जगत प्रभावित है और इसी वजह से आईआईएम इंदौर अब उनके सक्सेस फॉर्मूले को डिकोड करने की तैयारी में जुट गया है।
ये भी पढ़ें: दो गुटों में बंट सकती है तृणमूल कांग्रेस

