नई दिल्ली. भारतीय टीम के वर्ल्ड चैंपियन कप्तान रोहित शर्मा को लेकर लॉर्ड्स वनडे से पहसे संन्यास की खबरे आ रही थीं. तीसरे वनडे में ऐतिहासिक शतक जड़ने के बाद उन्होंने अपने संन्यास को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर जवाब दिया. रोहित ने कहा कि उनका पूरा ध्यान सिर्फ देश के लिए रन बनाने और टीम की सफलता में योगदान देने पर है. बाहरी शोर से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता.
मैच से पहले लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही थीं कि यह मुकाबला रोहित शर्मा के वनडे करियर का आखिरी मैच हो सकता है. कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि चयनकर्ता अब भविष्य की ओर देख रहे हैं. रोहित ने मैदान पर बल्ले से जवाब दिया. मैच के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से बातचीत में अपने इरादे भी साफ कर दिए.

रोहित शर्मा ने कहा, “मेरा काम बल्ले से प्रदर्शन करना है. मैदान पर उतरना, अपने देश का प्रतिनिधित्व करना और टीम के लिए योगदान देना ही मेरी जिम्मेदारी है. डेब्यू के समय से ही मेरे आसपास इस तरह का शोर रहा है और जब तक मैं खेलूंगा, यह चलता रहेगा. मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. मेरे लिए सबसे अहम बात मैदान पर प्रदर्शन करना है. अगर शोर नहीं होगा तो मजा भी नहीं आएगा. मेरा काम मैदान के अंदर है और बाकी लोगों का काम मैदान के बाहर. मैं चीजों को इसी नजरिए से देखता हूं.”
388 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए रोहित शर्मा ने 110 गेंद में 138 रनों की शानदार पारी खेली. उन्होंने अपनी पारी में 17 चौके और 5 छक्के लगाए. शुभमन गिल के साथ 147 रन और विराट कोहली के साथ 113 रन की साझेदारी कर भारत की उम्मीदें बनाए रखीं. हालांकि भारतीय टीम 360/7 तक ही पहुंच सकी और 27 रन से मुकाबला हार गई. रोहित ने लॉर्ड्स में शतक बनाने वाले पहले भारतीय बनने का कारनामा अंजाम दिया. वनडे शतक लगाने वाले सबसे उम्र दराज भारतीय बने. विदेशी धरती पर सबसे ज्यादा वनडे शतक बनाने का रिकॉर्ड बनाया.
रोहित शर्मा के बयान के बाद फिलहाल यह साफ हो गया है कि उन्होंने संन्यास का कोई फैसला नहीं लिया है. अब भारतीय टीम सितंबर-अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू वनडे सीरीज खेलेगी. एक बार फिर सभी की नजरें रोहित शर्मा के प्रदर्शन पर रहेंगी. उनके ताजा बयान ने फिलहाल वनडे क्रिकेट से संन्यास की सभी अटकलों पर विराम लगा दिया.

