राज्यसभा और लोकसभा पूरे दिन के लिए करनी पड़ी स्थगित
Parliament Monsoon Session 2026, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र आज से शुरू हो चुका है। सत्र के पहले दिन राज्यसभा और लोकसभा में विपक्षी दलों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक को लेकर हंगामा किया। हंगामे के चलते कई बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। पहले राज्यसभा और बाद में लोकसभा को मंगलवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इससे पहले लोकसभा में कार्यवाही शुरू होने पर विपक्षी सांसदों ने हंगामा किया।
विपक्षी नेताओं ने नीट-यूजी पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कई सांसद पोस्टर, बैनर लेकर आए। उधर, राज्यसभा में नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया गया। मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- जंतर-मंतर पर बच्चे इकठ्ठा हुए, उनकी आवाज को दबाया जा रहा। सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया।
सरकार शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने को तैयार नहीं, छात्रों को पीटा जा रहा
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा, हम सभी शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर संसद में चर्चा की मांग कर रहे हैं। शिक्षा नीति में कई गंभीर समस्याएं हैं, लेकिन सरकार इस पर चर्चा करने को तैयार नहीं है। इसके बजाय छात्रों पर आंसू गैस के गोले छोड़े जा रहे हैं और उनकी पिटाई की जा रही है। आखिर क्यों? वे हमारे ही बच्चे हैं।
सरकार जनता के मुद्दों के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, यह सरकार जनता के मुद्दों के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील है। नीट और सीबीएसई परीक्षा पेपर लीक से देशभर के परिवारों में दर्द और चिंता है। माता-पिता अपने बच्चों के भविष्य को लेकर परेशान हैं।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें
हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और नीट और सीबीएसई परीक्षा प्रणाली, पेपर लीक रोकने के उपाय तथा परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने पर संसद में विस्तृत चर्चा हो। इस पूरे मामले में धर्मेंद्र प्रधान जिम्मेदार हैं, लेकिन सरकार चर्चा के लिए तैयार नहीं है। लोकसभा अध्यक्ष भी हमें इस मुद्दे पर बोलने की अनुमति नहीं दे रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल पेश
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल आॅर्डिनेंस की जगह लेगा
लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक पेश, 2026 पेश किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 (मुख्य न्यायाधीश सहित) की जाएगी।
यह बिल मई में जारी आॅर्डिनेंस की जगह लेगा। आॅर्डिनेंस लागू होने के बाद बढ़ी हुई स्वीकृत संख्या के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में 5 नए जज नियुक्त किए जा चुके हैं। इस संशोधन के लिए संविधान में बदलाव की जरूरत नहीं है। इसे पारित करने के लिए संसद में साधारण बहुमत चाहिए।
पीएम बोले- संसद में तक के साथ चर्चा हो
पीएम मोदी ने संसद भवन के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए राहुल गांधी पर तंज कसा। मोदी ने कहा, भारत के युवाओं ने अंतरिक्ष में नई उड़ान भरी है। ये जो स्काईरूट स्टार्टअप है, उसमें जो युवा काम कर हे हैं, उनकी एवरेज उम्र 28 साल है।
मैं किसी 56 साल के नौजवान की बात नहीं कर रहा। हालांकि पीएम ने राहुल का नाम नहीं लिया। वहीं, पीएम ने कहा, मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों प्रो-एक्टिव हों तो बहुत ही प्रोडक्टिव होते हैं। संसद में तर्क के साथ चर्चा हो।
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