Best PF option : Employees’ Provident Fund Scheme, 2026 लागू होने के बाद कंपनियां अपने कर्मचारियों को प्रोविडेंट फंड (PF) अंशदान के विकल्प दे रही हैं। अब कर्मचारियों के पास PF अंशदान के लिए एक से ज्यादा विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में कर्मचारी असमंजस में हैं कि उन्हें कौनसा विकल्प अपनाना चाहिए। इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि किस विकल्प का चयन आपको किस परिस्थिति में करना चाहिए।
कर्मचारियों के पास 3 विकल्प
नए फ्रेमवर्क के मुताबिक, कर्मचारी अपनी कंपनी की पॉलिसी के हिसाब से बेसिक सैलरी का 12% या 9% या फ्लैट 1,800 रुपये के अंशदान का विकल्प चुन सकते हैं। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, कोई एक विकल्प हर किसी पर फिट नहीं होगा। सही विकल्प कर्मचारी की उम्र, वित्तीय प्रतिबद्धता, निवेश की आदतों और रिटायरमेंट के लक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
12% PF : बड़े कॉर्पस के लिए बेस्ट
जल्द रिटायर होने की प्लानिंग कर रहे ऐसे कर्मचारी जो बड़ा लॉन्ग टर्म रिटायरमेंट सेविंग चाहते हैं, उनके लिए 12% अंशदान वाला विकल्प बेस्ट है। अगर आप ज्यादा अंशदान करते हैं, तो कंपाउंडिंग के जादू से आपका रिटायरमेंट कॉर्पस बड़ा बनता है। कॉर्पस में जितने भी पैसे जमा होते हैं, उन पर कंपाउंडिंग का नियम लागू होता है, जिससे आपका फंड बड़ा बनता है।
9% PF : ठीक-ठाक बचत
वैसे कर्मचारी जो कैश फ्लो और भविष्य की सेविंग के बीच बैलेंस चाहते हैं, उनके लिए 9% अंशदान वाला विकल्प काम का हो सकता है। कानूनी विशेषज्ञ भी ऐसे लोगों के लिए इस विकल्प को बेहतर मानते हैं। अंशदान कम होने से आपके हाथ में ज्यादा पैसे आते हैं और रिटायरमेंट कॉर्पस भी ठीक-ठाक हो जाता है। यह विकल्प होम लोन का ईएमआई देने वाल और परिवार पर ज्यादा खर्च करने वाले कर्मचारियों के लिए उपयुक्त है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, जिन कर्मचारियों ने रिटायरमेंट प्लान के बारे में कोई फैसला नहीं लिया है और लाइफस्टाइल पर ज्यादा खर्च करना चाहते हैं, उनके लिए 9% अंशदान वाला विकल्प बेहतर है।
- इसमें ठीक-ठाक रिटायरमेंट सेविंग होती है।
- इसमें 12% की तुलना में टेक-होम सैलरी ज्यादा होती है।
- इसमें पीएफ अंशदान बहुत ज्यादा कम नहीं होता, जैसा कि 1,800 रुपये वाले विकल्प में देखा जाता है।
- यह कर्मचारियों को उनके दीर्घकालिक लक्ष्यों को हासिल करने में फ्लेक्सिबिलिटी प्रदान करता है।
1,800 रुपये : सैलरी ज्यादा पर कॉर्पस कम
1,800 रुपये अंशदान का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी सबसे ज्यादा होती है, क्योंकि पीएफ में अंशदान बहुत कम हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, यह विकल्प उन लोगों के लिए सही है, जिन्हें वित्तीय दायित्वों का तत्काल निर्वहन करना होता है, जैसे कि शिक्षा पर खर्च, मेडिकल में आने वाले खर्च या बड़ी ईएमआई।

