
Jasola Drain Incident News: दिल्ली के जसोला इलाके में एक दर्दनाक हादसे के बाद परिवार की चिंता बढ़ती जा रही है। 15 साल का मिथुन शनिवार को पतंग पकड़ने की कोशिश में नाले में गिर गया था। हादसे के करीब 24 घंटे बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका है। बेटे की तलाश में परेशान पिता अवधेश खुद नाले में उतर गए। इस दौरान मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीमें और अधिकारी उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश करते रहे। मिथुन की तलाश रविवार को दूसरे दिन भी जारी रही। अभियान में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी समेत कई एजेंसियों की टीमें जुटीं।
खुद बेटे को खोजने नाले में उतरे पिता
रेस्क्यू कर्मियों ने नाले के अलग-अलग हिस्सों में बच्चे की तलाश की। तेज बहाव और गंदे पानी के कारण बचाव दल के सामने चुनौती बनी हुई है। करीब 24 घंटे की कोशिश के बाद भी मिथुन का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। बेटे के नहीं मिलने से परिवार का दुख और बेचैनी बढ़ती गई। इसी दौरान मिथुन के पिता अवधेश ने खुद नाले में उतरने का फैसला किया। वह गंदे और तेज बहाव वाले पानी में अपने बेटे को तलाशने लगे। मौके पर मौजूद रेस्क्यू कर्मी और अधिकारी पिता पर नजर बनाए हुए थे। यह बेहद भावुक पल था और कई लोग एक बेबस पिता को देखकर भावुक नजर आए। परिवार के लिए यह पल बेहद भावुक और परेशान करने वाला था। पिता की कोशिश थी कि किसी भी तरह उन्हें अपने बेटे का पता मिल जाए।
परिवार और स्थानीय लोगों में गुस्सा
मिथुन के लापता होने के बाद परिवार के साथ-साथ स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखी गई। रविवार को बड़ी संख्या में लोग सड़क पर जमा हो गए और उन्होंने ट्रैफिक रोककर प्रशासन से रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने की मांग की। परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप भी लगाया। उनका कहना था कि बच्चे की तलाश के लिए पर्याप्त और प्रभावी इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नाले में बच्चे को तलाशने के लिए एजेंसियां लकड़ी के डंडों का इस्तेमाल कर रही थीं। लोगों का कहना था कि इतने गंभीर मामले में ज्यादा व्यापक और प्रभावी तरीके से सर्च ऑपरेशन चलाया जाना चाहिए।
