Anti paper leak bill passed in Loksabha: देशभर में होने वाली परीक्षाओं के पेपरलीक को रोकने के लिए सरकार द्वारा लाया गया एंटी पेपर लीक बिल हंगामे के बीच लोकसभा से पास हो गया है। इस बिल पर चर्चा का जवाब पीएमओ में राज्यमंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने दिया। लोकसभा में इस बिल पर चर्चा के दौरान तमाम दलों के नेताओं ने अपने विचार रखे। इस दौरान लोकसभा में कार्रवाई बेहद हंगामेदार रही।
विपक्ष ने प्रदर्शन को जायज बताया
चर्चा के दौरान बुधवार को नेता विपक्ष और कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने केंद्र पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों का गुस्सा जायज था और युवाओं की भावनाओं को देश ने समझा। उन्होंने कहा कि छात्रों के प्रदर्शन में नफरत, गुस्सा नहीं था। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा, ”आंदोलन से बीजेपी नेताओं के बच्चे असहमत होंगे। छात्रों पर हर भारतीय को गर्व है। युवाओं का गुस्सा हिंसा नहीं है। युवा खुले दिल, खुले विचारों वाले हैं। दुनिया कैसे बदल रही है छात्र समझ रहे हैं। सजग छात्र सच्चाई से चलता है। देश का भविष्य सड़कों पर उतरा। छात्र भावनाओं के देश ने समझा। बिल पर BJP अपने बच्चों की सहमति ले।”
राहुल का लोकसभा में विवादित बयान
राहुल गांधी ने लोकभा में विवादित बयान दे दिया और इडियट, अंधभक्त जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। इस पर हंगामा हो गया और स्पीकर ने राहुल गांधी से संसदीय शब्दों का इस्तेमाल करने की अपील की। सत्ता पक्ष के नेताओं ने राहुल के बयान पर हंगामा किया। स्पीकर ने इन शब्दों को संसद के रिकॉर्ड से हटाने के निर्देश दिए हैं। राहुल यही नहीं, रुके और उन्होंने आरोप लगाया कि गृहमंत्री अमित शाह ने छात्रों को मारने का आदेश दिया था। गृहमंत्री का साहस नहीं है कि वे सदन में आएं। राहुल ने धर्मेंद्र प्रधान को RSS का मुखौटा कहा। इस पर बीजेपी नेताओं ने माफी की मांग की है।

