
5 से ज्यादा लोगों के जुटने और प्रदर्शन पर रोक
Section 163, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: दिल्ली में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू है। इसके तहत जंतर-मंतर पर पहले से तय प्रदर्शन स्थल को छोड़कर, पूरे जिले में बिना पूर्व अनुमति के किसी भी प्रकार के विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन या पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर पूरी तरह से रोक है। पुलिस ने सभी नागरिकों से कानून का सम्मान करने, किसी भी अनधिकृत सभा या मार्च में शामिल न होने और सार्वजनिक शांति व सुरक्षा बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
पुख्ता सुरक्षा इंतजाम
जन सुरक्षा, वीवीआईपी (संरक्षित व्यक्तियों) की सुरक्षा और संसद भवन सहित सभी महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लुटियंस दिल्ली और आसपास के इलाकों में बेहद कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने सख्त लहजे में आगाह किया है कि यदि कोई भी व्यक्ति या संगठन इन निषेधाज्ञाओं का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 और कानून के अन्य लागू कड़े प्रावधानों के तहत तत्काल मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वांगचुक को वहीं दवाएं दी जा रहीं, जिसमें उनकी रजामंदी है
उधर, दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती सोनम वांगचुक को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने कहा- स्वास्थ्य बिगड़ने और डिवीजन बेंच के आदेश के कारण उन्हें सरकारी अस्पताल ले जाया गया। सरकार की इस कार्रवाई को मनमाना नहीं कहा जा सकता। वांगचुक को वहीं दवाएं दी जा रहीं, जिसमें उनकी रजामंदी है। कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ पुलिस को 3 दिन में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया।
दिल्ली पुलिस ने वांगचुक सफदरजंग अस्पताल में कराया था भर्ती
दरअसल सोनम की पत्नी गीतांजलि ने वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल से प्राइवेट हॉस्पिटल शिफ्ट करने की मांग की थी। मामले में अगली सुनवाई 23 जुलाई को होगी। इससे पहले शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। अस्पताल में भी वांगचुक की भूख हड़ताल जारी है।
