नई दिल्ली. क्रिकेट कि दुनिया में हिटमैन के नाम से मशहूर रोहित शर्मा ने आलोचकों और उनके संन्यास की खबरों को हवा देने वालों के ऐसा जवाब दिया जिसने बोलती बंद कर दी. इंग्लैंड के खिलाफ करो या मरो मुकाबले में क्रिकेट के सबसे प्रतिष्ठित मैदान लॉर्ड्स पर उन्होंने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की. इस मैदान पर रोहित शर्मा वनडे क्रिकेट में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने. 19 जुलाई 2026 को खेले गए सीरीज के निर्णायक मुकाबले में रोहित ने शानदार शतकीय पारी खेली और भारतीय क्रिकेट इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया.
पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के लिए यह पारी कई मायनों में खास है. उन्होंने लॉर्ड्स में भारत की ओर से पहला वनडे शतक लगाया. इस मैदान पर किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा खेली गई सबसे बड़ी वनडे पारी भी अपने नाम कर ली. इससे पहले लॉर्ड्स में किसी भारतीय बल्लेबाज ने वनडे में शतक नहीं बनाया था.

इस ऐतिहासिक पारी से पहले लॉर्ड्स में भारत की ओर से सबसे बड़ा व्यक्तिगत वनडे स्कोर सौरव गांगुली के नाम था. उन्होंने साल 2004 में 90 रन बनाए थे. दूसरे स्थान पर मोहम्मद कैफ का नाबाद 87 रन (2002) का स्कोर था. सुरेश रैना ने 84 रन की पारी खेली थी. रोहित शर्मा ने इन सभी रिकॉर्डों को पीछे छोड़ते हुए पहली बार तीन अंकों का आंकड़ा छुआ.
लॉर्ड्स को ‘क्रिकेट का मक्का’ कहा जाता है और यहां शतक लगाना हर बल्लेबाज का सपना होता है. भारतीय क्रिकेट के कई दिग्गज बल्लेबाज इस मैदान पर वनडे शतक बनाने से चूक गए थे. रोहित शर्मा ने इस लंबे इंतजार को खत्म कर दिया. उनका यह शतक भारतीय क्रिकेट के सबसे यादगार विदेशी मैदानों पर बने रिकॉर्डों में शामिल हो गया. रोहित शर्मा की यह ऐतिहासिक पारी ऐसे समय आई जब उनके भविष्य को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही थीं. उन्होंने अपने बल्ले से जवाब देते हुए साबित किया कि बड़े मैच में अपने खेल को बड़ा करने वो जानते हैं.

