Food Safety Alert in Delhi: त्योहारों के मौसम में खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के साथ ही मिलावटखोरों के खिलाफ दिल्ली सरकार ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। राजधानी में खाद्य सुरक्षा विभाग की अलग-अलग टीमों ने तीन स्थानों पर छापेमारी कर कुल 948.9 लीटर संदिग्ध और घटिया गुणवत्ता वाला घी जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान भोगल मार्केट, नजफगढ़ मार्केट और शिव विहार को निशाना बनाया गया। इसके अलावा भोगल और नजफगढ़ से घी के 15 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
दिल्ली सरकार की इस कार्रवाई के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और बाजारों में बिक रहे घी की शुद्धता को लेकर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ किया है कि मिलावट के खिलाफ अभियान केवल त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे साल जारी रहेगा। सरकार खाद्य सुरक्षा विभाग को आधुनिक तकनीक से लैस करने और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की भी तैयारी कर रही है।
दिल्ली में कहां-कहां हुई छापेमारी?
दिल्ली सरकार के खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार को राजधानी के तीन अलग-अलग इलाकों में छापेमारी की। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई त्योहारों के दौरान मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों की बिक्री रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी। दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के भोगल मार्केट में सबसे बड़ी कार्रवाई हुई, जहां से अधिकारियों ने 389.9 लीटर घी जब्त किया। इसके बाद दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली के नजफगढ़ मार्केट में छापेमारी के दौरान 338 लीटर घी बरामद किया गया। वहीं, उत्तर-पूर्वी दिल्ली के शिव विहार इलाके में दिल्ली पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाया गया, जिसमें 221 लीटर संदिग्ध घी जब्त किया गया। इस तरह तीनों स्थानों से कुल 948.9 लीटर घी कब्जे में लिया गया।
घी के 15 नमूने लिए, लैब में होगी जांच
छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने भोगल और नजफगढ़ मार्केट से घी के कुल 15 नमूने एकत्र किए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक लैब रिपोर्ट आने के बाद ही घी की गुणवत्ता और उसमें मिलावट की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
CM रेखा का ऐलान, हाईटेक होगा विभाग
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग को आधुनिक बनाने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री के अनुसार विभाग की निरीक्षण और प्रवर्तन व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इसके लिए कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने की भी योजना है, ताकि बाजारों, दुकानों, गोदामों और खाद्य उत्पादन इकाइयों की नियमित जांच की जा सके। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अन्य विभागों से भी कर्मचारियों को लेकर निगरानी का दायरा बढ़ाया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और मिलावट से जुड़े मामलों में समय पर कार्रवाई करना है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मिलावट के खिलाफ अभियान केवल दिवाली या अन्य त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा। यह कार्रवाई पूरे साल जारी रहेगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि मिलावट में शामिल किसी भी व्यक्ति या कंपनी को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह ब्रांडेड कंपनी ही क्यों न हो।

