GST collection July: देश में जुलाई महीने में वस्तु एवं सेवा कर (GST) कलेक्शन का आंकड़ा बंपर रहा। इस महीने कुल जीएसटी कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 15.4% ज्यादा है। पिछले 14 महीने के दौरान जून में सबसे ज्यादा जीएसटी कलेक्शन हुआ और चालू वित्त वर्ष में दूसरी बार मासिक कलेक्शन का आंकड़ा 2 लाख करोड़ के पार हुआ है।
इंपोर्ट पर जीएसटी से बढ़ा कलेक्शन
जीएसटी कलेक्शन में वृद्धि, आयात से जुड़े जीएसटी कलेक्शन की वजह से हुई है। यह 28.8% बढ़कर 66,511 करोड़ रुपये रहा। घरेलू जीएसटी रेवेन्यू 10.1% बढ़कर 1.45 लाख करोड़ रुपये रहा, जिससे देश की आर्थिक गतिविधियों और खपत में लगातार मजबूती का संकेत मिलता है।
मई 2025 के बाद सर्वाधिक बढ़ोतरी
जुलाई का कलेक्शन जून में हुई जबरदस्त बढ़ोतरी के बाद आया है। जून महीने में जीएसटी कलेक्शन 13.9% बढ़कर 1.95 लाख करोड़ रुपये रहा था। जुलाई में कलेक्शन 2.11 लाख करोड़ रुपये रहा, जो मई 2025 के बाद सबसे ज्यादा बढ़ोतरी है। उस समय रेवेन्यू में साल-दर-साल आधार पर 16.4% की बढ़ोतरी हुई थी।
दोबारा 2 लाख करोड़ रुपये पार
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल में ग्रॉस GST कलेक्शन पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर गया था। उस वक्त रेवेन्यू रिकॉर्ड 2.43 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। इसमें साल के आखिर में हुए बिजनेस ट्रांजैक्शन और सालाना रिटर्न फाइलिंग से मदद मिली थी। मई में यह घटकर 1.94 लाख करोड़ रुपये हो गया और जून में फिर से बढ़कर 1.95 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जिसके बाद कलेक्शन एक बार फिर 2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े से ऊपर चला गया है।
नेट GST रेवेन्यू 1.81 लाख करोड़
रिफंड घटाने के बाद, जुलाई में नेट GST रेवेन्यू 1.81 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 15.8% ज्यादा है। इस महीने में कुल रिफंड 13.1% बढ़कर 29,968 करोड़ रुपये हो गए, जबकि नेट कस्टम्स GST रेवेन्यू में 30.3% की बढ़ोतरी हुई, जो इंपोर्ट पर ज्यादा टैक्स कलेक्शन को दिखाता है। कुल मिलाकर, चालू वित्त वर्ष के अप्रैल-जुलाई के दौरान ग्रॉस GST कलेक्शन 10.1% बढ़कर 8.43 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 7.66 लाख करोड़ रुपये था। नेट कलेक्शन में 9.2% बढ़कर 7.21 लाख करोड़ रुपये रहा।

