दोनों देशों के बीच आज होंगे मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर
India-New Zealand FTA (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पिछले साल अमेरिका द्वारा दुनिया भर के देशों पर लगाए गए उच्च टैरिफ के बाद भारत ने अपनी व्यापारिक रणनीति बदलते हुए विश्व के अन्य प्रमुख देशों के साथ व्यापारिक समझौतों को महत्व दिया। यही कारण है कि पिछले करीब एक साल में भारत ने कई अहम व्यापार समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इन्हीं में से एक है भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने जा रहा मुक्त व्यापार सपमझौता (एफटीए) जिसपर दोनों देश आज हस्ताक्षर करेंगे।
ज्ञात रहे कि पिछले साल 22 दिसंबर को बातचीत पूरी होने की घोषणा के चार महीने से ज्यादा समय बाद भारत और न्यूजीलैंड सोमवार को मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर करेंगे। इस समझौते का मकसद पांच साल में दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार को दोगुना कर पांच अरब डॉलर तक पहुंचाना है। समझौते का सबसे बड़ा लाभ भारतीय निर्यातकों को होगा, क्योंकि न्यूजीलैंड पहुंचने वाले करीब 70 फीसदी भारतीय उत्पादों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे भारतीय सामान न्यूजीलैंड के बाजार में सस्ते और अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे।
दोनों देशों में वर्तमान में इतना व्यापार
आंकड़ों के अनुसार, 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 1.3 अरब डॉलर रहा। वहीं 2024 में वस्तुओं और सेवाओं का कुल व्यापार करीब 2.4 अरब डॉलर तक पहुंचा, जिसमें सेवाओं का व्यापार 1.24 अरब डॉलर रहा। इसमें यात्रा, सूचना प्रौद्योगिकी और व्यावसायिक सेवाओं का बड़ा योगदान रहा।
एफटीए पर ये बोले न्यूजीलैंड के पीएम
न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने पहले ही कहा था कि इस समझौते से दोनों देशों को व्यापार बढ़ाने और बाजार तक बेहतर पहुंच मिलने में फायदा होगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, हम सोमवार को भारत के साथ एफटीए पर हस्ताक्षर करेंगे। एक वीडियो संदेश में लक्सन ने बताया कि इस समझौते से न्यूजीलैंड के निर्यातकों को भारतीय बाजार में बेहतर पहुंच मिलेगी, खासकर उन कंपनियों को जो नावों में इस्तेमाल होने वाले मरीन जेट सिस्टम बनाती हैं और जिन्हें 70 से ज्यादा देशों में भेजा जाता है।

