देश की वित्त मंत्री ने सेबी के स्थापना दिवस पर इसकी अहमियत पर डाला प्रकाश
Nirmala Sitharaman (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : देश की वित्त मंत्री सीतारमण ने सेबी के स्थापना दिवस पर अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्था ने भारत के विकास में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि लगातार बदलते वैश्विक परिवेश के बीच देश में पूंजी निर्माण और निवेश गतिविधियों को बनाए रखने में इस संस्था का विशेष योगदान रहा। यह योगदान भविष्य में भी जरूरी होगा।
वहीं वित्त मंत्री ने कहा कि सेबी को उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना होगा, जिनमें सबसे बड़ी चुनौती साइबर सुरक्षा है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी बड़े स्टॉक एक्सचेंज, डिपॉजिटरी, क्लियरिंग कॉरपोरेशन या बड़े ब्रोकर पर सफल साइबर हमला राष्ट्रीय स्तर पर बाजारों को प्रभावित कर सकता है। वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसा हमला निवेशकों की बड़ी पूंजी मिटा सकता है और आम लोगों का भरोसा भी बुरी तरह हिला सकता है, जिसे दोबारा कायम करने में वर्षों लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टूल्स साइबर हमलों को पहले से ज्यादा तेज, स्मार्ट, बड़े पैमाने पर और कई मामलों में स्वत: संचालित बना रहे हैं।
तेजी से बदल रहे साइबर हमले के तरीके
निर्मला सीतारमण ने कहा कि सिर्फ सेबी ही नहीं, बल्कि उसके तहत आने वाली सभी विनियमित संस्थाओं को भी बेहद सतर्क रहना होगा। हमले के तरीके तेजी से बदल रहे हैं, इसलिए सुरक्षा के साधनों को उससे भी तेज गति से विकसित करना होगा। उन्होंने कहा कि अप्रैल 2025 से लागू साइबर सिक्योरिटी और साइबर रेजिलिएंस फ्रेमवर्क के जरिए रएइक ने सराहनीय काम किया है। यह एक मजबूत आधार है, जिस पर आगे और व्यापक सुरक्षा ढांचा तैयार किया जा सकता है।
सेबी ने अपनी विश्वसनीयता बनाए रखी
वहीं इस दौरान सेबी के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने कहा कि संस्था की सबसे बड़ी ताकत उसकी विश्वसनीयता है, जो वर्षों के सुधारों, मजबूत नियमन और निवेशकों के भरोसे से बनी है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव, व्यापारिक अनिश्चितताओं और तेजी से बदलती तकनीक के बावजूद भारतीय पूंजी बाजार मजबूती से आगे बढ़ रहा है। इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद रहीं।
भारत के बाजार का आकार और दायार तेजी से बढ़ा
पांडे ने बताया कि आज भारत के बाजार का आकार और दायरा तेजी से बढ़ा है। देश में 5,900 से अधिक सूचीबद्ध कंपनियां हैं, जबकि 14 करोड़ से ज्यादा यूनिक निवेशक बाजार से जुड़े हैं। पिछले 10 वर्षों में बाजार पूंजीकरण लगभग 15 प्रतिशत की चक्रवृद्धि दर से बढ़ा है। वहीं, म्यूचुअल फंड उद्योग की परिसंपत्तियां 20 प्रतिशत सालाना दर से बढ़ी हैं। प्राथमिक बाजार हर साल करीब 10 लाख करोड़ रुपये की पूंजी जुटाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
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