आरबीआई का उद्देश्य भारत के विदेशी वित्तीय जोखिम का सटीक आंकलन करना
Business News Update (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : आने वाले कुछ दिनों में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) देश में होने वाले विदेशी निवेश की विस्तृत जानकारी जुटाएगा। वह भी म्यूचुअल फंड में होने वाले निवेश का। आरबीआई जल्द ही इसके लिए एक विस्तृत सर्वेक्षण शुरू करने जा रहा है। यह सर्वेक्षण म्यूचुअल फंडों की विदेशी देनदारियों और परिसंपत्तियों से संबंधित है।
इसका उद्देश्य भारत के विदेशी वित्तीय जोखिम का सटीक आकलन करना है। यह 2025-26 वित्तीय वर्ष के लिए जानकारी एकत्र करेगा। आरबीआई ने 1 जून, 2026 को एक बयान में बताया कि यह सर्वेक्षण मार्च 2026 के अंत तक म्यूचुअल फंडों की बाहरी वित्तीय देनदारियों और परिसंपत्तियों की जानकारी मांगेगा।
सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जाएगी जानकारी
केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के एकत्रित परिणाम सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। इन परिणामों का उपयोग भारत के बाहरी क्षेत्र के आंकड़ों के संकलन में किया जाता है। म्यूचुअल फंडों को 7 जुलाई, 2026 तक सर्वेक्षण अनुसूची पूरी करके जमा करनी होगी। यह वार्षिक सर्वेक्षण भारत की बाहरी वित्तीय परिसंपत्तियों और देनदारियों पर व्यापक जानकारी बनाए रखने के आरबीआई के प्रयासों का हिस्सा है। यह देश के बाहरी क्षेत्र का आकलन करने में उपयोग किए जाने वाले आंकड़ों की गुणवत्ता को मजबूत करता है।
इस सर्वेक्षण से प्राप्त जानकारी नीति निमार्ताओं और विश्लेषकों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह उन्हें भारत के विदेशी वित्तीय जोखिम की निगरानी करने में सहायता करती है। साथ ही, यह आर्थिक विश्लेषण और नीति निर्माण के लिए आवश्यक बाहरी क्षेत्र के महत्वपूर्ण आंकड़े तैयार करने में भी मदद करती है। आरबीआई का यह कदम देश की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह पारदर्शिता और सटीक डेटा उपलब्धता को बढ़ावा देता है।

