वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान दोनों देशों के बीच 151.1 अरब डॉलर का हुआ व्यापार
India-China Trade (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : पिछले करीब एक साल से वैश्विक व्यापार में काफी ज्यादा बदलाव देखने को मिला है। अप्रैल 2025 में जब अमेरिका ने नई टैरिफ नीति लागू की तो विश्व के सभी प्रमुख देशों ने नए बाजार तलाश करने शुरू कर दिए। भारत भी उन उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में से एक था जिसने अपनी व्यापार नीति तुरंत प्रभाव से बदलते हुए अमेरिका पर अपनी निर्भरता कम की और विश्व के अन्य प्रमुख बाजारों में व्यापार के मौके तलाश किए। इसी बीच भारत और चीन के बीच व्यापार काफी तेजी से बढ़ा और चीन अमेरिका को पछाड़कर भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन गया।
दोनों देशों के बीच इतना व्यापार हुआ
उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीन के साथ द्विपक्षीय व्यापार 151.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इस दौरान चीन के साथ देश का व्यापार घाटा बढ़कर 112.16 अरब डॉलर हो गया। अमेरिका 2024-25 तक लगातार चार वर्षों तक भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। चीन 2013-14 से 2017-18 तक और फिर 2020-21 में भी भारत का शीर्ष व्यापारिक साझेदार रहा।
चीन से पहले यूएई देश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। पिछले वित्त वर्ष के दौरान चीन को भारत का निर्यात 36.66 फीसदी बढ़कर 19.47 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 16 फीसदी बढ़कर 131.63 अरब डॉलर रहा। व्यापार घाटा 2025-26 में बढ़कर 112.16 अरब डॉलर के अब तक के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो 2024-25 में 99.2 अरब डॉलर था।
चीन के अलावा ये देश भी बने अहम साझेदार
2025-26 में अमेरिका को निर्यात मामूली रूप से 0.92 प्रतिशत बढ़कर 87.3 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 15.95 फीसदी बढ़कर 52.9 अरब डॉलर हो गया। व्यापार अधिशेष 2024-25 के 40.89 अरब डॉलर से घटकर 34.4 अरब डॉलर रह गया। जिन प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ भारत का निर्यात घटा है, उनमें नीदरलैंड, ब्रिटेन, सिंगापुर, बांग्लादेश, सऊदी अरब, आॅस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका और मलयेशिया शामिल हैं। जिन प्रमुख देशों के साथ 2025-26 में आयात बढ़ा है, उनमें रूस, इराक, इंडोनेशिया, आॅस्ट्रेलिया, कतर और ताइवान शामिल हैं।
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