
आयकर विभाग ने नई स्वैच्छिक विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना शुरू की
Income Tax Rules, (द भारत ख़बर), नई दिल्ली: आयकर विभाग ने शनिवार को कहा कि फॉरेन एसेट्स आॅफ स्मॉल टैक्सपेयर्स-डिस्क्लोजर स्कीम (फास्ट-डीएस) यानी छोटे करदाताओं की विदेशी संपत्तियों की जानकारी देने वाली योजना के तहत 31 दिसंबर 2026 तक घोषणा की जा सकती है। इस योजना के तहत करदाताओं को 30 फीसदी कर देना होगा। इसके साथ ही कर के बराबर यानी 30 फीसदी की अतिरिक्त रकम भी देनी होगी।
दंड या अभियोजन के बिना विदेशी संपत्तियों को कर के दायरे में लाना योजना का उद्देश्य
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने बताया कि यह योजना 16 अगस्त से प्रभावी होगी और 31 दिसंबर तक ऐसी संपत्ति या आय की जानकारी आनलाइन घोषणा के जरिये दी जा सकती है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में छोटे करदाताओं के लिए फारेन एसेट्स डिस्क्लोजर स्कीम (एफएएसटी-डीएस) की घोषणा की गई थी। इस योजना का उद्देश्य योग्य करदाताओं को आगे की दंड या अभियोजन के बिना विदेशी संपत्तियों को कर के दायरे में लाना है।
इनके लिए हैं योजना
यह योजना उन करदाताओं के लिए है जिन्होंने योग्य विदेशी संपत्तियों या आय को घोषित करने में विफलता दिखाई है। इसमें छात्र, युवा पेशेवर, तकनीकी कर्मचारी और स्थानांतरित गैर-निवासी भारतीय शामिल हैं। नियमों के तहत, करदाता घोषित-अघोषित विदेशी संपत्ति या आय के मूल्य पर 30 प्रतिशत कर का भुगतान करेंगे। इसके साथ ही कर के बराबर एक अतिरिक्त राशि का भुगतान करेंगे, जिससे कुल कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। संपत्तियों का उचित बाजार मूल्य 31 मार्च, 2026 के अनुसार निर्धारित किया जाएगा।
घोषणा के लिए बनाई दो श्रेणियां
- पहली श्रेणी: इसमें ऐसी अघोषित विदेशी संपत्ति या विदेशी आय शामिल है, जिसे पहले कर के लिए प्रस्तुत नहीं किया गया था और इसका कुल मूल्य एक करोड़ रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए।
- दूसरी श्रेणी: इसमें वे विदेशी संपत्तियां शामिल हैं, जिन्हें पहले कर के लिए प्रस्तुत किया गया था या जब करदाता गैर-निवासी था, तब अधिग्रहित की गई थीं, लेकिन संबंधित कर-रिटर्न अनुसूची में रिपोर्ट नहीं की गई थीं। ऐसी घोषणाओं के लिए सीमा पांच करोड़ रुपये है, जिसमें एक लाख रुपये का शुल्क देय है।
ऐसे करें टैक्स की गणना
सीबीडीटी ने कहा है कि यह योजना योग्य करदाताओं को कुछ अघोषित विदेशी संपत्तियों, अघोषित विदेशी आय या अघोषित विदेशी संपत्तियों को निर्दिष्ट कर या शुल्क का भुगतान करके घोषित करने में सक्षम बनाती है। उदाहरण के लिए, यदि एक अघोषित विदेशी बैंक खाते का मूल्यांकन 60 लाख रुपए किया गया है और अघोषित विदेशी आय 20 लाख रुपए है, तो कुल कर देय 48 लाख रुपए होगा।
मुकदमेबाजी से मिलेगी छूट
सीबीडीटी के अनुसार, जो करदाता वैध घोषणाएं करेंगे, उन्हें आगे के किसी भी कर या दंड से और 2015 के काला धन (अघोषित विदेशी आय और संपत्तियां) और कर अधिनियम के तहत अभियोजन या मुकदमेबाजी से छूट प्राप्त होगी। घोषित आय या घोषित संपत्ति में निवेश की गई राशि को भी आयकर अधिनियम, 1961 या काला धन अधिनियम के तहत करदाता की कुल आय में शामिल नहीं किया जाएगा।
