
नई दिल्ली. भारतीय एथलीट ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गजब का प्रदर्शन किया है. मुक्केबाजों ने तो ग्लासगो में अपने मुक्के का ऐसा जोर दिखाया कि अंक तालिका की हुलिया बदल दी. भारतीय बॉक्सर ने मेडल की झड़ी लगाते हुए इतिहास रच दिया. शनिवार का दिन भारतीय खेल के लिहाज से बेहद यादगार रहा. बॉक्सर्स ने एक दो नहीं बल्कि कुल 10 पदक भारत की झोली में डाला. अपने दमदार पंज की बदौलत 7 स्वर्ण और 3 रजत पदक को हासिल किया. इस बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर भारत अंक तालिका में छठे स्थान से छलांग लगाकर चौथे स्थान पर पहुंच गया. भारतीय टीम का जोर ऐसा है कि उसने मेजबान स्कॉटलैंड को पदक हासिल करने में पीछे कर दिया.
इस बार का कॉमनवेल्थ गेम्स भारतीय मुक्केबाजों ने कभी ना भूलने वाला बना दिया. देश की तरफ से इस मेगा इवेंट में उतरने के लिए कुल 14 मुक्केबाजों के दल को भेजा गया था. कमाल की बात यह रही कि इसमें से 10 बॉक्सर ने अपने ताकतवर पंज से सेमीफाइनल में जगह बनाई. इसके बाद अपने प्रदर्शन को और बेहतर करते हए सारे ही मुक्केबाजों ने फाइनल का टिकट पक्का किया. गोल्ड मेडल के मुकाबले में उतरे भारत के सात भारतीय बॉक्सर ने देश का परचम लहलाया जबकि तीन मुक्केबाजों के हाथ निराशा लगी. हार के बाद भी इन तीनों ने सिल्वर मेडल जीतकर देश का मान बढ़ाया.
प्रीति पवार (54 किग्रा) ने कनाडा की स्कारलेट सवाना डेलगाडो को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक जीता.
जैसमीन लांबोरिया (57 किग्रा) ने नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को 5-0 से मात दी.
साक्षी चौधरी (51 किग्रा) ने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को 5-0 से हराया.
प्रिया घनघास (60 किग्रा) ने कनाडा की मैरी-बाथौल अल-अहमदियेह को 4-1 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया.
अरुंधति चौधरी (70 किग्रा) ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को 5-0 से शिकस्त दी.
सचिन सिवाच (60 किग्रा) ने नामीबिया के ट्राइअगेन मॉर्निंग एनडेवेलो को 3-2 से हराया.
अंकुश पंघाल (80 किग्रा) ने इंग्लैंड के डिमेजी शिट्टू को हराकर स्वर्ण पदक जीता.
जादूमणि सिंह (55 किग्रा) ऑस्ट्रेलिया के जाई डिक्सन से हारकर रजत पदक विजेता बने।
लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) को ऑस्ट्रेलिया की एम्मा सू ग्रीनट्री के खिलाफ 1-4 से हार का सामना करना पड़ा।
नरेंद्र बरवाल भी फाइनल हारकर सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे.
