नई दिल्ली. चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने इंडियन प्रीमियर लीग में नए दौर की शुरुआत की तैयारी कर ली है. 17 साल के बाद टीम को एक नया कोच मिला है. भारत के दिग्गज तेज गेंदबाज जहीर खान ने स्टीफन फ्लेमिंग की जगह जिम्मेदारी संभाली है. कमाल की बात यह है कि उनका नाम चर्चा में भी नहीं था. पर्दे के पीछे रही सारी बातों पर चर्चा हुई और जहीर का नाम फाइनल भी कर लिया गया. चेन्नई के मुख्य कोच बनने की रेस में ईयोन मोर्गन, हेमंग बदानी और माइकल हसी जैसे नामों को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं. चलिए जानते हैं उनक तीन वजह को जिसकी वजह से जहीर को टीम का मुख्य कोच बनाया गया.
इंडियन प्रीमियर लीग में एक समय राज करने वाली चैंपियन टीम का हाल इस समय बेहद खराब चल रहा है. टीम लगातार तीन सीजन प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही. ऐसे में फ्रेंचाइजी अब टीम की रणनीति और काम करने के तरीके में बदलाव चाहती है. स्टीफन फ्लेमिंग के लंबे कार्यकाल के बाद जहीर को टीम का मुख्य कोच बनाना एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है.
बताया जा रहा है कि जहीर खान को चेन्नई का कोच बनाने में महेंद्र सिंह धोनी की अहम भूमिका रही. फ्लेमिंग पर्दे के पीछे रहकर टीम को मैनेज करने में महारत हासिल की. पिछले कुछ सालों में अनुभवी खिलाड़ियों की कमी की वजह से अब यह योजना काम नहीं आ रही. ऐसे में जहीर का टीम से जुड़ना अलग नीति बनाने में मदद करेगा. अलग अलग आईपीएल टीम के साथ काम कर चुके जहीर के पास बेहतर नीतियां हैं. CSK को रणनीति के स्तर पर भी नए प्रयोगों की उम्मीद होगी. टी20 क्रिकेट और आईपीएल से जहीर लंबे समय से जुड़े हुए हैं. उनके अनुभव से CSK को आधुनिक टी20 क्रिकेट की जरूरतों के मुताबिक नई रणनीति तैयार करने में मदद मिल सकती है.
स्टीफन फ्लेमिंग ने बतौर बल्लेबाज इंटरनेशनल क्रिकेट खेला जबकि जहीर एक तेज गेंदबाज रहे हैं. उनकी नियुक्ति से CSK के युवा गेंदबाजों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है. वह खिलाड़ियों के साथ व्यक्तिगत तौर पर काम करना पसंद करते हैं. उनको गेंदबाजी में सुधार के लिए सुझाव देने के लिए जाना जाता है. CSK की टीम को नए सिरे से बनाया जा रहा है. कोर ग्रुप की बात करें तो वो खत्म हो चुकी है. ऐसे में जहीर जो नई पीढ़ी के साथ काम कनरे का अनुभव रखते हैं वो टीम के लिए वरदान साबित हो सकता है.
जहीर खान ने साल 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में खेला है. उस टीम का हिस्सा रहे थे जिसने वनडे वर्ल्ड की ट्रॉफी को जीता था. CSK में एमएस धोनी की भूमिका अब भी बड़ी है. रिपोर्ट्स के अनुसार जहीर खान को हेड कोच बनाने में धोनी की पसंद भी शामिल थी. एक दूसरे के साथ खेलने की वजह से दोनों के बीच ताल मेल अच्छा है. आपसी समझ काफी अच्छी है और साथ काम करने का अनुभव है. ऐसे में जहीर और धोनी की जोड़ी CSK की रणनीति को नए अंदाज में आगे बढ़ाने की कोशिश कर सकती है.

