UPI Transaction Charge: देश में UPI ट्रांजैक्शंस पर MDR शुल्क लगने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार ने एक निश्चित सीमा से अधिक के कुछ खास UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर मामूली मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने का रास्ता खोल दिया है। साथ ही यह भरोसा भी दिलाया है कि ग्राहकों और व्यक्तियों के बीच (P2P) होने वाले पेमेंट पर कोई शुल्क नहीं लगेगा।
सभी मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR नहीं
वित्त मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि UPI पर भविष्य में कोई भी MDR सभी मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लागू नहीं होगा और यह डेबिट व क्रेडिट कार्ड पेमेंट पर लगने वाले चार्ज से काफी कम होगा। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “जब भी MDR चार्ज लागू किए जाएंगे, तो वे एक निश्चित सीमा से ज्यादा वाले कुछ खास मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर ही मामूली दर से लागू होंगे, जो डेबिट या क्रेडिट कार्ड MDR से काफी कम होंगे।”
तय सीमा में होगा MDR
बयान के मुताबिक, मर्चेंट्स के लिए UPI ट्रांज़ैक्शन का ‘बड़ा हिस्सा’ मुफ्त बना रहेगा और अगर कोई MDR लागू किया जाता है, तो वह एक सामान्य शुल्क के बजाय एक तय सीमा (थ्रेशहोल्ड) पर आधारित होगा। यह स्पष्टीकरण ‘टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026’ के संदर्भ में आया है, जिसमें ‘पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007’ की धारा 10A में संशोधन का प्रस्ताव है।
कमेटी करेगी MDR पर फैसला
मंत्रालय के अनुसार, संसद से बिल पास होने के बाद, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की अध्यक्षता वाली ‘UPI और सर्विसेज स्टीयरिंग कमिटी’ MDR (अगर कोई हो) के बारे में फैसला करेगी।
आम UPI यूजर्स पर चार्ज नहीं
सरकार ने जोर देकर कहा कि प्रस्तावित संशोधन एक सक्षम प्रावधान है और इसका मतलब यह नहीं है कि आम UPI यूजर्स पर कोई चार्ज लगाया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि नागरिकों के लिए UPI मुफ्त रहेगा और सभी पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजैक्शन भी मुफ्त बने रहेंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर को बताई वजह
संशोधन के पीछे की वजह बताते हुए सरकार ने कहा कि तेजी से बढ़ते UPI ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के लिए साइबर सिक्योरिटी, धोखाधड़ी से बचाव और इंफ्रास्ट्रक्चर में लगातार निवेश की जरूरत है।

