कहा, भारत ने उनकी बात न मानी तो वाशिंगटन बहुत तेजी से टैरिफ बढ़ा सकता है
Business News (द भारत ख़बर), बिजनेस डेस्क : भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते और भारत व रूस के बीच व्यापारिक संबंधों पर अमेरिकी राष्टÑपति का बड़ा बयान सामने आया है। एक बार फिर से ट्रंप ने भारत पर निशाना साधते हुए कहा है कि रूस-यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के लिए व्लादिमीर पुतिन के ग्राहकों पर दबाव डालना आवश्यक है।
ट्रंप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जानते थे कि वह भारत की रूसी तेल खरीद से खुश नहीं थे। ट्रंप ने मोदी को ‘बहुत अच्छा इंसान’ बताते हुए कहा कि भारत ने उन्हें खुश करने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि वाशिंगटन बहुत तेजी से टैरिफ बढ़ा सकता है, जो भारत के लिए बहुत बुरा होगा। ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जो दुनिया में सबसे अधिक है। इसमें रूसी तेल की खरीद के लिए लगाया गया 25 प्रतिशत शुल्क भी शामिल है।
भारत लगातार घटा रहा रूस से तेल आयात
रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स कंपनी ‘केपलर’ के आंकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि भारत में रूसी कच्चे तेल का आयात घट रहा है। दिसंबर में यह गिरकर लगभग 1.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन (बीपीडी) रहने की उम्मीद है, जो नवंबर में 1.84 मिलियन बीपीडी था। यह दिसंबर 2022 के बाद का सबसे निचला स्तर है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल आयात करता है।
यूक्रेन युद्ध से पहले 2021 तक भारत के आयात में रूसी तेल की हिस्सेदारी मात्र 0.2 प्रतिशत थी, जो पश्चिमी प्रतिबंधों और डिस्काउंट के चलते बढ़कर लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। लेकिन दिसंबर के आंकड़ों के अनुसार, कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी अब एक तिहाई से घटकर एक चौथाई से भी कम रह गई है।
अमेरिका ने अगस्त में लगाया था टैरिफ
ज्ञात रहे कि अमेरिका ने भारत पर नए टैरिफ जोकि 50 प्रतिशत था को अगस्त 2025 में लागू कर दिया था। इसके बाद भारत से अमेरिका जाने वाले निर्यात में बहुत ज्यादा कमी आ गई है। इसके साथ ही भारत और अमेरिका के बीच होने वाले व्यापार समझौते पर भी प्रश्नचिन्ह लग गया है। दोनों देशों के बीच कई दौर की वार्ता हो चुकी है लेकिन अभी तक कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकल पाया है।
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