नई दिल्ली. एक तरफ जहां आजकर वैभव सूर्यवंशी जैसे तूफानी बल्लेबाज की बात होती है तो नहीं लोगों को ये भी जानने की इच्छा होती है कि क्रिकेट इतिहास का सबसे सुस्त बल्लेबाज कौन है. वैसे तो मैच की परिस्थिति के मुताबिक ही कोई बल्लेबाज खेलता है लेकिन रिकॉर्ड बुक में नाम दर्ज होने के बाद ये चीजों आने वाले जेनरेशन के लिए मायने नहीं रखती. लोग सिर्फ उस पारी के स्कोर बोर्ड को देखते हैं. वनडे क्रिकेट में जहां आज बल्लेबाज तेजी से रन बनाने और कम गेंद में शतक जड़ने की होड़ में रहते हैं, वहीं एक ऐसा रिकॉर्ड भी है जिसे कोई बल्लेबाज आज तक नहीं तोड़ पाया है. वनडे इतिहास का सबसे धीमा शतक ऑस्ट्रेलिया के पूर्व बल्लेबाज डेविड बून के नाम दर्ज है.
साल 1991-92 सीजन में भारत के खिलाफ होबार्ट के बेलरिव ओवल मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर डेविड बून ने ऐसी सुस्त पारी खेली जो इतिहास के पन्ने में दर्ज हो गई. उन्होंने इस मुकाबले में टीम इंडिया के खिलाफ 100 रन पूरा करने के लिए 166 गेंद का सामना किया था. डेविड बून ने 102 रन बनाकर नॉट आउट रहे थे और इसके लिए कुल 168 गेंद का सामना किया. उन्होंने अपनी पारी में केवल 8 चौके लगाए. भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 175 रन का छोटा सा लक्ष्य रखा था. शतक जमाकर उन्होंने टीम को जीत तक पहुंचाया था.
वनडे इतिहास के सबसे धीमे शतक
- डेविड बून (ऑस्ट्रेलिया) – 166 गेंद में शतक, भारत के खिलाफ (1991-92)
- रमीज राजा (पाकिस्तान) – 157 गेंदों में शतक, वेस्टइंडीज के खिलाफ (फरवरी 1992)
- ज्योफ मार्श (ऑस्ट्रेलिया) – 156 गेंदों में शतक, इंग्लैंड के खिलाफ (मई 1989)
- रमीज राजा (पाकिस्तान) – 152 गेंदों में शतक, श्रीलंका के खिलाफ (1990)
- स्कॉट स्टायरिस (न्यूज़ीलैंड) – 152 गेंदों में शतक, श्रीलंका के खिलाफ (अप्रैल 2007)
वनडे इतिहास में सिर्फ छह शतकीय पारी ही ऐसी रही है जिसमें बैटर ने 150 से ज्यादा गेंद खेले. साल 2010 के बाद किसी भी बल्लेबाज ने 150 से ज्यादा गेंद में शतक नहीं बनाया. टी20 क्रिकेट असर और आक्रामक बल्लेबाजी के दौर में अब बल्लेबाज शुरुआत से ही तेज रन बनाने की कोशिश करते हैं. अब वनडे क्रिकेट में दोनों छोर से नई गेंद का इस्तेमाल होता है ऐसे में गेंदबाज ज्यादा प्रभावी नहीं होते. तेज खेलने की शैली और बड़े लक्ष्य के आसानी से चेज होने की वजह से अब कोई बैटर ऐसी पारी खेल इस रिकॉर्ड को तोड़े मुश्किल है.

